बवासीर का इलाज-बवासीर के मस्से हटाने के लिए रामबाण इलाज

बवासीर का इलाज-बवासीर के मस्से हटाने के लिए रामबाण इलाज

बवासीर का इलाज-बवासीर a try of तरह की होती है बाहर की बवासीर और अंदर की बवासीर। टॉयलेट करते वक़्त खून निकलता है तो इसे खुनी बवासीर भी कहते है।

अंदरूनी बवासीर – Internal Hemorrhoids

बवासीर का इलाज-अंदर की बवासीर में मस्से गुदा के अंदर की तरफ होते है और टॉयलेट करते वक़्त इन मस्सों में तेज दर्द होने लगता है और खून भी आने लगता है।

इस रोग की शुरुआत में गुदा के पास रक्त नलिका में सूजन आने लगती है और समस्या गंभीर होने पर सूजन बढ़ने लगती है जो बवासीर के मस्से का रूप ले लेती है और मल त्याग करते समय ये मस्से बहार आ जाते है और इनसे खून आने लगता है।

बाहरी बवासीर – External Hemorrhoids

बाहरी बवासीर में रोगी के गुदा द्वार के बाहर की तरफ मस्से हो जाते है जिनमें खुजली होती है। मस्सों को खुजलाने पर इनसे खून भी निकलने लगता है।

बवासीर के कारण: Causes of piles in hindi-बवासीर का इलाज

बवासीर के कारण: बवासीर मुख्यतः गुदा और मलाशय की नसों में संक्रमण और सूजन के कारण होता हैं| बवासीर होना बहुत कुछ हमारी दिनचर्या पर आधारित रहता हैं|

 

बवासीर होने के मुख्या कारण जैसे अधिक समय तक कब्ज़ रहना, लंबे समय तक बैठे या खड़े रहना, लंबे समय तक भारी वजन उठाते रहना, अत्यधिक चटपटा भोजन करना, मोटापा, शरीर में पानी की कमी, तनाव, धूम्रपान, पारिवारिक अनुवांशिकी आदि हैं

 

हम बवासीर को प्राम्भिक अवस्था में कुछ हद तक घरेलू नुस्खों या उपचारों से ठीक कर सकते हैं और इससे पूर्ण रूप से निजात पा सकते हैं| बवासीर की जड़ शरीर में कब्ज बनना हैं,

 

इसलिए कुछ घरेलू उपचारों से मल त्याग को बिना किसी ताक़त लगाए नियमित करना आवश्यक हैं| इसलिए हम यहाँ कुछ घरेलू और आसानी से अपनी सामान्य दिनचर्या में सम्मिलित करने योग्य उपचारों का विवरण दे रहे हैं| आप इन्हे अपनाइये और बवासीर के दर्द और परेशानी से मुक्ति पाइये|

बवासीर के प्रकार-बवासीर का इलाज

बवासीर a try of तरह की होती है बाहर की बवासीर और अंदर की बवासीर। टॉयलेट करते वक़्त खून निकलता है तो इसे खुनी बवासीर भी कहते है।

अंदरूनी बवासीर – Internal Hemorrhoids

अंदर की बवासीर में मस्से गुदा के अंदर की तरफ होते है और टॉयलेट करते वक़्त इन मस्सों में तेज दर्द होने लगता है और खून भी आने लगता है।

इस रोग की शुरुआत में गुदा के पास रक्त नलिका में सूजन आने लगती है और समस्या गंभीर होने पर सूजन बढ़ने लगती है जो बवासीर के मस्से का रूप ले लेती है और मल त्याग करते समय ये मस्से बहार आ जाते है और इनसे खून आने लगता है।

बाहरी बवासीर – External Hemorrhoids

बाहरी बवासीर में रोगी के गुदा द्वार के बाहर की तरफ मस्से हो जाते है जिनमें खुजली होती है। मस्सों को खुजलाने पर इनसे खून भी निकलने लगता है।

गाय का दूध और नींबू रस का मिश्रण (Cow Milk and Lemon Juice): गाय का दूध और नींबू के रस का मिश्रण कुछ सीमाओं के साथ लेने पर बवासीर में रामबाण दवा की तरह काम करता हैं| दोनों में पाचन तंत्र के मजबूत करने के औषधीय गुण है|

उपचार विधि: आप १ कप गाय के ठंडे दूध (फ्रीज़ में रखा दूध उपयोग में नहीं लेना हैं) में एक नींबू का पूरा रस मिलाकर मिश्रण बनाते हैं| इस मिश्रण को फटने के पहले ही तुरंत पीना है| दूध ने फटे, इसके लिए आपको एक नींबू का रस निकालकर बाजू में रख लेना चाहिए, ताकि नींबू निचोड़ने में समय बर्बाद ना हो| इस मिश्रण को बिना रुके तीन दिन तक सुबह सुबह खाली पेट पीने से बवासीर में आराम मिलता हैं!

piles home remedies

१. बवासीर की परेशानी के समय फाइबर से युक्त फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए|
२. आपको सफ़ेद चावल की जगह भूरा चावल उपयोग में लाना चाहिए|
३. खाने में दलिया और दालों को शामिल करना चाहिए|
४. सुबह उठकर २ से ३ गिलास पानी पीना चाहिए| दिनभर २ से ३ बार पानी का सेवन दोहराते रहना चाहिए|

बवासीर का इलाज-क्या नहीं करना चाहिए?:

१. तले और चटपटे मसालेदार व्यंजन से परहेज करना चाहिए|


२. बादी वाली सब्जियों जैसे बैंगन आदि से परहेज करना चाहिए|

३. ज्यादा देर तक खड़े या बैठे नहीं रहना चाहिए|
४. ज्यादा वजन नहीं उठाना चाहिए|

बवासीर का इलाज- और आयुर्वेदिक इलाज

जीरे को जरूरत के अनुसार भून कर उसमे मिश्री मिलाकर मुंह में डालकर चूंसने से तथा बिना भुने जीरे को पीस कर मस्सों पर लगाने से बवासीर की बीमारी में फ़ायदा होता है

 

पके केले को बीच से चीरकर दो टुकडे कर लें और उसपर कत्था पीसकर छिडक दें,इसके बाद उस केले को खुले आसमान के नीचे शाम को रख दें,सुबह को उस केले को प्रात:काल की क्रिया करके खालें,एक हफ़्ते तक इस प्रयोग को करने के बाद भयंकर से भयंकर बवासीर समाप्त हो जाती है।

 

छोटी पिप्पली को पीस कर चूर्ण बना ले,और शहद के साथ लेने से आराम मिलता है

 

एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह शाम शहद के साथ लेने पर बवासीर में लाभ मिलता है,इससे पेट के अन्य रोग भी समाप्त होते है

 

खूनी बवासीर में नींबू को बीच से चीर कर उस पर चार ग्राम कत्था पीसकर बुरक दें,और उसे रात में छत पर रख दें,सुबह दोनो टुकडों को चूस लें,यह प्रयोग पांच दिन करें खूनी बवासीर का शर्तिया घरेलू उपचार है

 

पचास ग्राम रीठे तवे पर रखकर कटोरी से ढक दें,और तवे के नीचे आग जला दें,एक घंटे में रीथे जल जायेंगे,ठंडा होने पर रीठों को खरल कर ले या सिल पर पीस लें,इसके बाद सफ़ेद कत्थे का चूर्ण बीस ग्राम और कुश्ता फ़ौलाद तीन ग्राम लेकर उसमें रीठे बीस ग्राम भस्म मिला दें,

 

उसे सुबह शाम मक्खन के साथ खायें,ऊपर से दूध पी लें,दोनो प्रकार के बवासीर में दस से पन्द्रह दिन में आराम आ जाता है,गुड गोस्त शराब आम और अंगूर का परहेज करें।

 

खूनी बवासीर में गेंदे के हरे पत्ते नौ ग्राम काली मिर्च के पांच दाने और कूंजा मिश्री दस ग्राम लेकर साठ ग्राम पानी में पीस कर मिला लें,दिन में एक बार चार दिन तक इस पानी को पिएं,गरम चीजों को न खायें,खूनी बवासीर खत्म हो जायेगा।

 

पचास ग्राम बडी इलायची तवे पर रख कर जला लें,ठंडी होने पर पीस लें,रोज सुबह तीन ग्राम चूर्ण पंद्रह दिनो तक ताजे पानी से लें,बवासीर में लाभ होता है

 

हारसिंगार के फ़ूल तीन ग्राम काली मिर्च एक ग्राम और पीपल एक ग्राम सभी को पीसकर उसका चूर्ण जलेबी की पचास ग्राम चासनी में मिला लें,रात को सोते समय पांच छ: दिन तक इसे खायें,यह खूनी बवासीर का शर्तिया घरेलू उपचार है,मगर ध्यान रखें कि कब्ज करने वाले भोजन को न करें

दूध का ताजा मक्खन और काले तिल दोनो एक एक ग्राम को मिलाकर खाने से बवासीर में फ़ायदा होता है

नागकेशर मिश्री और ताजा मक्खन इन तीनो को रोजाना सम भाग खाने से बवासीर में फ़ायदा होता है

जंगली गोभी की तरकारी घी में पकाकर उसमें सेंधा नमक डालें,इस तरकारी को आठ दिन रोटी के साथ खाने से बवासीर में आराम मिलता है

कमल केशर तीन मासे,नागकेशन तीन मासे शहद तीन मासे चीनी तीन मासे और मक्खन तीन मासे (तीन ग्राम) इन सबको मिलाकर खाने से बवासीर में फ़ायदा होता है

 

नीम के ग्यारह बीज और छ: ग्राम शक्कर रोजाना सुबह को फ़ांकने से बवासीर में आराम मिलता है
पीपल का चूर्ण छाछ में डालकर पीने से बवासीर में आराम मिलता है

 

कमल का हरा पत्ता पीसकर उसमे मिश्री मिलाकर खायें,बवासीर का खून आना बन्द हो जाता है
सुबह शाम को बकरी का दूध पीने से बवासीर से खून आना बन्द हो जाता है

 

प्रतिदिन दही और छाछ का प्रयोग बवासीर का नाशक है

प्याज के छोटे छोटे टुकडे करने के बाद सुखालें,सूखे टुकडे दस ग्राम घी में तलें,बाद में एक ग्राम तिल और बीस ग्राम मिश्री मिलाकर रोजाना खाने से बवासीर का नाश होता है

 

गुड के साथ हरड खाने से बवासीर में फ़ायदा होता है

बवासीर में छाछ अम्रुत के समान है,लेकिन बिना सेंधा नमक मिलाये इसे नही खाना चाहिये
मूली का नियमित सेवन बवासीर को ठीक कर देता है

 

इसके आलावा दिव्य फार्मेसी का बना अर्शकल्प वटी बवासीर में बहुत आरामदायक औषधि है।
उपरोक्त सारी औषधियां पाइल्स के इलाज में सफल साबित हुई है व बर्षो से आजमाई हुई है आपसे अनुरोध है की उपरोक्त जानकारियो का खुद भी लाभ उठाएं और अन्य रोगियों को इनके बारे में बताएं ।

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